फ्रांस में छात्रों के प्रदर्शन में बिस्मिल्लाह लिखे पोस्टरों को मुस्लिम समुदाय से जोड़कर देखा गया. लेकिन छात्रों के मुताबिक, यह पुलिस की कथित घुसपैठ का मजाक था. प्रदर्शन के मुद्दे शिक्षा और महंगाई थे.