उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा के सामने मतदाता सूची को दुरुस्त कराने के साथ बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की चुनौती है. वहीं, पार्टी के कुछ विधायकों की प्राथमिकता अपनी विधानसभा सीट से दोबारा टिकट हासिल करना बन गई है.