केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को गोवा में कहा कि सरकार ने नक्सलवाद खत्म कर दिया है। अब नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि, “नक्सलवाद के बाद नशीले पदार्थों की समस्या से भी उसी तरह निपटेंगे। जिन्होंने तिरुपति से पशुपतिनाथ तक रेड कॉरिडोर की कल्पना की थी, उन्होंने अब अपने हथियार डाल दिए हैं और मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं।” दरअसल, अमित शाह गोवा के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए ये बयान दिया। कहा- देश नशा मुक्त भारत का समर्थन करेगा, 3 बातें… 3 साल का अभियान: अमित शाह ने कहा- पूरा देश नशा मुक्त भारत के तीन साल के अभियान का समर्थन करेगा। आज आपसे बात करने का उद्देश्य गोवा के पूरे मीडिया से यह अनुरोध करना भी है कि भारत को नशा मुक्त बनाने के इस लक्ष्य को हासिल करने में हमारी मदद करें। 1 करोड़ किलो से ज्यादा नशीले पदार्थ जब्त: उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक कांग्रेस शासन के दौरान, 26 लाख किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। जबकि, 2014 और 2026 के बीच, यह आंकड़ा बढ़कर 1 करोड़ 19 लाख किलोग्राम से अधिक हो गया। 1 लाख नशामुक्ती मित्र तैयार किए जाएंगे: गृह मंत्री ने कहा कि अभियान 50 करोड़ नागरिकों तक पहुंचेगा। अभी हाल ही में, प्रधानमंत्री ने एक ही कार्यक्रम में 1 करोड़ युवाओं के साथ बातचीत की। हम 1 लाख 'नशामुक्ति मित्रों' को प्रशिक्षित करने जा रहे हैं पीएम ने कहा था- भारत में ड्रग्स सप्लाई आतंकी साजिश का हिस्सा पीएम मोदी ने 2 अगस्त को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ लॉन्च किया। उन्होंने कहा था कि भारत में ड्रग्स की सप्लाई दुश्मन देशों की आतंकी साजिश का हिस्सा है। पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संबोधन में कहा था- दुश्मन देश भारतीय युवाओं को नशे के जाल में धकेलना चाहते हैं। इस साजिश को मिलकर नाकाम करना होगा। भास्कर नॉलेज | नशे का आतंकवाद से कनेक्शन सवालः नार्को-टेररिज्म क्या है? जवाबः जब ड्रग्स बेचकर कमाए गए पैसे का इस्तेमाल आतंक फैलाने, हथियार खरीदने और आतंकी गतिविधियां चलाने में होता है, तो इसे नार्को-टेररिज्म कहा जाता है। सवालः नशा फैलाने में पाकिस्तान का नाम क्यों आता है? जवाबः पंजाब और जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सीमा से हेरोइन और दूसरे नशे की तस्करी बड़ी चुनौती है। ड्रोन और सीमा पार नेटवर्क के जरिए नशा भेजा जाता है। हालांकि, भारत में आने वाले कुल ड्रग्स में पाकिस्तान का कितना हिस्सा है, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। सवालः नशे से आतंकवाद को कैसे फायदा होता है? जवाबः ड्रग्स बेचकर मिलने वाले पैसे से आतंकी संगठन हथियार खरीदते हैं, नए लोगों को जोड़ते हैं और अपने नेटवर्क को चलाते हैं। इसलिए सरकार इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी मानती है। सवालः भारत तस्करों के निशाने पर क्यों है? जवाबः भारत दुनिया के दो सबसे बड़े अवैध ड्रग्स उत्पादन क्षेत्रों गोल्डन क्रिसेंट (अफगानिस्तान, पाकिस्तान, ईरान) और गोल्डन ट्रायंगल (म्यांमार, लाओस, थाईलैंड) के बीच स्थित है। इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर भारत का इस्तेमाल ड्रग्स को दूसरे देशों तक पहुंचाने के रास्ते (ट्रांजिट रूट) और बड़े बाजार दोनों के रूप में करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि भारत ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क के निशाने पर रहता है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नशा मुक्त भारत के साथ 'ड्रग-फ्री वीक' का समापन:रामदास अठावले और श्रीवर्धन त्रिवेदी ने युवाओं को नशे से दूर रहने का किया आह्वान अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित 'ड्रग-फ्री वीक' का समापन समारोह उत्साह और सामाजिक जागरूकता के माहौल में संपन्न हुआ। पूरी खबर पढ़ें…
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September 6, 2026 at 9:58 AM
शाह बोले- नक्सलवाद के बाद नशा भी खत्म करेंगे:रेड कॉरिडोर की कल्पना करने वालों ने हथियार डाले; नॉर्थईस्ट में 10000 युवाओं ने आत्मसमर्पण किया
Dainik Bhaskar