महेश जेठमलानी ने कहा कि बार में सभी लोग ऐसे वकीलों के बारे में जानते हैं और शायद इंटेलिजेंस एजेंसियों के पास भी उनकी जानकारी होगी, इसलिए इस बारे में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को बताया जाना चाहिए.