रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी किरण बेदी गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचीं। उन्होंने सत्या निकेतन में हॉस्टल की इमारत गिरने से जुड़े मामले में खुद को केस में शामिल करने की मांग की। केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम (MCD) की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने बेदी की याचिका का विरोध किया। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि बेदी देश की जिम्मेदार नागरिक हैं और उन्हें प्रशासन का अनुभव है। कोर्ट ने बेदी की याचिका पर जवाब देने के लिए 3 दिन का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। सत्या निकेतन में 6 सितंबर को हॉस्टल की इमारत गिर गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 6 लोग घायल हुए थे। इसके बाद 7 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना की MCD से उच्चस्तरीय जांच कराने का आदेश दिया था। बेदी की याचिका पर जवाब के लिए 3 दिन मिले कोर्ट ने कहा कि पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल रहीं किरण बेदी मामले में कोर्ट की मदद करना चाहती हैं। उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल किया जा सकता है। कोर्ट ने अधिकारियों से मामले को टकराव के रूप में न देखने को कहा। अदालत ने बेदी की याचिका पर जवाब देने के लिए अधिकारियों को 3 दिन का समय दिया। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि वह किरण बेदी का बहुत सम्मान करते हैं, लेकिन उनकी याचिका से लगता है कि वह मामले में पहले ही निष्कर्ष निकाल रही हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने अभी अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। पूरी खबर लगातार अपडेट हो रही है….