सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नीट परीक्षा सिस्टम और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई की। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच ने कहा कि जरूरत पड़ने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ऑफिस का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा- इस दौरान जांच की जाएगी कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने की व्यवस्था वास्तव में काम कर रही है या नहीं। कोर्ट ने कहा कि NTA में सुधार के लिए बनी हाई-पावर्ड कमेटी की सिफारिशों को जमीन पर लागू किया जाए। कोर्ट ने संयुक्त सचिव से कमेटी की अब तक की प्रगति की जानकारी देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले हाई-पावर पैनल की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि पैनल ने NEET परीक्षा में सुधार को लेकर व्यापक चर्चा की है। पैनल ने पहले NEET सुधारों के लिए बनी पूर्व ISRO चेयरमैन के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली समिति के सदस्यों से भी बातचीत की है। सुप्रीम कोर्ट में यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य ने याचिकाएं लगाकर NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट के 4 आदेश- NTA को वेबसाइट पर ब्योरा देना होगा 1. सुधारों की जानकारी दें- कोर्ट ने NTA को अपने सुधारों और अब तक हुई प्रगति का ब्योरा वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया है। इससे परीक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों की जानकारी सार्वजनिक होगी। 2. स्थायी कर्मचारी रखे जाएं- सुनवाई में NTA के लिए पर्याप्त स्थायी कर्मचारी और विशेषज्ञ स्टाफ रखने की जरूरत पर चर्चा हुई। कोर्ट ने बेहतर मैनपावर, प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। NTA को मजबूत कानूनी आधार देने के लिए वैधानिक व्यवस्था पर भी विचार किया गया। 3. डिजिटल परीक्षा चरणबद्ध तरीके से होगी- कोर्ट ने कहा कि लिखित परीक्षा से डिजिटल परीक्षा की ओर बदलाव अचानक नहीं किया जा सकता। इसे धीरे-धीरे लागू करना होगा, ताकि नई व्यवस्था में परेशानी न हो। 4. सुझाव भेजने की सुविधा- कोर्ट ने कहा कि परीक्षा सुधारों को लेकर वकील और राज्य अपने सुझाव तय ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं। इन सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा। NEET पेपर लीक में 13 गिरफ्तार, 21 जून को री-टेस्ट हुआ NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 21 जून को नीट की परीक्षा दोबारा हुई थी। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।