ABVP जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि किसी भी विचारधारा को दूसरे विचारों और राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करने की छूट मिल जाए.