जब आगे बढ़ने की हर कोशिश किसी को चोट पहुंचा सकती हो, तब पहला सवाल यह नहीं होना चाहिए कि किसे हराएं, बल्कि यह होना चाहिए कि अपने भीतर क्या बदलें, ताकि हम दोनों खड़े रह सकें?