पुलिस मोबाइल नंबरों, टेलीग्राम और सिग्नल आईडी सहित सोशल मीडिया पर हुए संपर्कों की कड़ियां खंगाल रही है. जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कथित नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे.