स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के पड़पोते सात्यकि ने मंगलवार को पुणे की विशेष अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ थे और उन्होंने ब्रिटिश समर्थक नीतियां अपनाई थीं। राहुल गांधी की तरफ से वकील मिलिंद पवार ने पैरवी की। जिरह के दौरान सात्यकि ने कहा, सावरकर की संपत्ति जब्त कर ली गई थी और उनकी बैरिस्टर की डिग्री रद्द कर दी गई थी। सात्यकि का दावा- बोस के विरोधी थे नेहरू सात्यकि ने कोर्ट में दावा किया कि नेहरू ने कहा था कि वे सुभाष चंद्र बोस और उनकी पार्टी से भी लड़ेंगे। यह नेहरू का बोस के प्रति विरोध साबित करता है। मैंने ये तथ्य 'सिलेक्टेड वर्क्स ऑफ जवाहरलाल नेहरू' से लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मैडम कामा, भगत सिंह और शरद पवार जैसे नेताओं ने सावरकर की प्रशंसा की थी। जानें, क्या है सावरकर मानहानि मामला सात्यकि ने राहुल गांधी के खिलाफ मार्च 2023 में लंदन में दिए गए भाषण को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। राहुल ने सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोप लगाया था। पुणे पुलिस ने 27 मई 2024 को अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राहुल गांधी ने सावरकर को बदनाम किया है। राहुल गांधी ने मामले में खुद को निर्दोष बताया। लंदन में कहा था- सावरकर ने मुस्लिम को पीटा था राहुल पर आरोप है कि उन्होंने मार्च 2023 में लंदन में सावरकर की किताब का हवाला देते हुए एक भाषण में दावा किया था कि सावरकर और उनके 5-6 दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और उन्हें इससे खुशी हुई थी। इसी भाषण का हवाला देते हुए सात्यकि ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। सात्यकि ने कहा कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई और न ही सावरकर ने ऐसा कुछ लिखा।
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July 17, 2026 at 6:12 AM
सावरकर मानहानि केस; पड़पोते बोले- नेहरू ब्रिटिश समर्थक थे:अगर सावरकर अंग्रेजों से समझौता कर लेते तो पीएम बन सकते थे
Dainik Bhaskar