बच्चों तक पोर्नोग्राफिक कंटेंट की आसान पहुंच गंभीर चिंता का विषय बन गई है. विशेषज्ञों ने इसे रेप जैसे अपराधों का मुख्य कारक बताते हुए, केवल सजा के बजाय अपराध से पहले रोकथाम पर जोर दिया है.