1 नवंबर से कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा अनिवार्य रूप से लागू होगी. इससे कॉल करने वाले का नंबर के साथ टेलीकॉम रिकॉर्ड में दर्ज नाम दिखेगा. इससे स्पैम कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है.