भारत 15,000 करोड़ रुपये की लागत से स्वदेशी हाई एल्टीट्यूड एयरशिप (AS-HAPS) बना रहा है. ये 20 किमी से ऊपर उड़ान भरकर लंबे समय तक निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और संचार व्यवस्था को मजबूत करेगा. ड्रोन और सैटेलाइट के बीच की खाई को भरने वाला ये प्रोजेक्ट भारतीय वायुसेना की निगरानी में है और 'मेक-I' योजना के तहत चीन सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा.