सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि HC की कार्यवाही केवल पीजी हॉस्टल गिरने तक ही सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें दिल्ली में अवैध निर्माण से जुड़े वे मामले भी शामिल होंगे जो वर्तमान में एसी में लंबित हैं.