राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के बाद सबसे ज्यादा गोविंद देव गिरी के नाम की चर्चा है. चंपत और अनिल ने तो ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया, लेकिन गोविंद अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं. उन्होंने इस पूरे मामले में जवाबदेही के बजाए प्रायश्चित का रास्ता चुना है. माना जा रहा है कि चढ़ावा चोरी को लेकर उठ रहे सवालों से बचने के लिए उन्होंने ऐसा किया है.