कमलजीत एक अंक से व्यक्तिगत फाइनल से चूकने के बाद पिता रतीराम को फोन कर रो पड़े थे। मिश्रित टीम में खेलने का मौका मिलने पर पिता ने उन्हें शांति से खेलने की सलाह दी।
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September 26, 2026 at 2:49 AM
कमलजीत की कहानी: पिता ने कहा था- ईश्वर ने मौका दिया है, शांति से खेलना; एशियाड में दिलाया सोना
Amar Ujala Sports
Excerpt from Amar Ujala Sports.