कमलजीत एक अंक से व्यक्तिगत फाइनल से चूकने के बाद पिता रतीराम को फोन कर रो पड़े थे। मिश्रित टीम में खेलने का मौका मिलने पर पिता ने उन्हें शांति से खेलने की सलाह दी।