जिन दो बांग्लादेशियों को फांसी दी गई, उनमें से एक के परिवार ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि उसने एक हफ़्ते पहले जेल से अपने परिवार से संपर्क किया था, हालांकि उसने इस बात का कोई संकेत नहीं दिया था कि उसे मौत की सज़ा दी जा सकती है.