अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खानपान, शारीरिक निष्क्रियता और नींद की कमी से जीवनशैली संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है। आयुर्वेद संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या, योग, प्राणायाम और ध्यान पर जोर देता है।