पूरी जिंदगी हम अपने चित्र में कुछ जोड़ते रहते हैं. पैसा, सफलता, सम्मान, चीजें, रिश्ते और पहचान. लेकिन शायद एक दूसरी तरह की आजादी तब आती है जब हमें हर चीज में अपना चेहरा दिखाई देना जरूरी नहीं रह जाता.