ग्रामीणों और आदिवासी समुदाय के लोगों को आशंका है कि परियोजना से उनकी जमीन, जल संसाधनों, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है. वे रेडिएशन के संभावित खतरे को लेकर चिंतित हैं.