दलबदल विरोधी कानून में अयोग्यता का प्रावधान है, लेकिन स्पीकर के फैसले की समय-सीमा तय नहीं है. 21 सांसदों के मामले ने फिर सवाल उठाया है कि फैसले में देरी कब तक चलेगी.