कहते हैं पूत के पांव पालने में ही दिखने लगते हैं. कुछ ऐसी ही कहानी है 13 साल के ईसा बट्ट की. पिता को देश की टीम के कप्तान हैं ही अब बेटे ने भी उनके नक्शेकदम पर चलने का इशारा दे दिया है.