योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी इससे पहले भी कई नेताओं, कलाकारों और देवी-देवताओं के पोर्ट्रेट अनाज से बना चुके हैं. उनका कहना है कि अनाज भारत की कृषि और संस्कृति का अहम हिस्सा है.