नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद अज्ञात शवों का सामूहिक दफन शुरू कर दिया गया है। चितवन के देवघाट जंगल में प्रशासन ने सैकड़ों कब्रें खोदी हैं। यहां उन शवों को दफनाया जा रहा है, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है और जो ज्यादा समय बीतने के कारण खराब होने लगे हैं। पिछले दो दिनों में 196 शव दफनाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, कई शव इतनी खराब हालत में मिले हैं कि उनकी पहचान करना मुश्किल है। इसलिए हर शव के साथ पहचान नंबर और जरूरी रिकॉर्ड रखा जा रहा है, ताकि आगे DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की जा सके। इस बीच 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं और उनके परिवार अपनों की तलाश में जुटे हैं। 26 अगस्त को तिब्बत में ग्लेशियर टूटने से नेपाल की भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। इस आपदा में नेपाल में अब तक 788 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तिब्बत में मरने वालों का आंकड़ा 16 पहुंच गया है। 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। वहीं, इस त्रासदी से पहले चीन से ग्लेशियरों के खतरे की जानकारी साझा करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 27 मई को नेपाल और चीन के अधिकारियों की बैठक हुई थी। नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने ग्लेशियरों में शुरुआती हलचल और जलस्तर की जानकारी पहले से देने की मांग की थी, लेकिन उन्हें चीन से उतनी जानकारी नहीं मिली, जितनी वे चाहते थे।
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August 30, 2026 at 11:30 PM
नेपाल बाढ़- अज्ञात शवों का दफन शुरू, सैकड़ों कब्रें तैयार:अबतक 804 मौतें; आरोप- 3 महीने पहले ग्लेशियरों की जानकारी मांगी थी, चीन ने नहीं दी
Dainik Bhaskar