AI और डीपफेक के दौर में सेलिब्रिटीज की पहचान का गलत इस्तेमाल बढ़ा है. चेहरा, आवाज और नाम को लेकर कई केस कोर्ट पहुंचे. अब सवाल है, पर्सनैलिटी राइट्स की सीमा कहां तक होगी?