ट्रंप प्रशासन खुद रूस से लाखों टन डीजल खरीदने की तैयारी में है. दूसरी तरफ रूसी तेल को लेकर भारत पर पाबंदी की धमकी दी जा रही है. भारत अब अमेरिकी दोहरे रवैये के बीच अपने विकल्पों की समीक्षा कर रहा है.