दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार को स्पाइसजेट की कई उड़ानों का संचालन प्रभावित रहा। ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते कई फ्लाइट्स में देरी हुई, जबकि कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों को हुई असुविधा पर खेद जताते हुए कहा कि उसकी टीमें स्पाइसजेट और संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं। एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, ग्राउंड हैंडलिंग टीम और अन्य कर्मचारी प्रभावित यात्रियों की मदद कर रहे हैं। यात्रियों को जरूरी सहायता देने के साथ एयरलाइन के प्रतिनिधियों से संपर्क और समन्वय कराने की व्यवस्था भी की गई। हालांकि, स्पाइसजेट की ओर से इस ऑपरेशनल समस्या को लेकर अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। पहले से वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट स्पाइसजेट लंबे समय से वित्तीय और परिचालन चुनौतियों का सामना कर रही है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने 3 सितंबर को बताया था कि सरकार एयरलाइंस के साथ हर महीने उनकी समस्याओं और चुनौतियों को लेकर चर्चा करती है। स्पाइसजेट के साथ भी संचालन बढ़ाने और उसकी वित्तीय स्थिति सुधारने को लेकर बातचीत की जा रही है। मंत्री के मुताबिक, सरकार स्पाइसजेट को अपना संचालन बढ़ाने के लिए लगातार कह रही है और एयरलाइन ने जल्द ऐसा करने का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि स्पाइसजेट ने सरकार से किसी अतिरिक्त वित्तीय सहायता की मांग नहीं की है, लेकिन इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) के जरिए फंड हासिल करने की कोशिश कर रही है। मई में एयरलाइंस के लिए ECLGS 5.0 को मंजूरी सरकार के मुताबिक, एयरलाइंस को बढ़ती ATF कीमतों, एयरस्पेस बंद होने, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कमी, विमान के कम इस्तेमाल और नकदी की समस्या जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं वित्तीय दबावों को देखते हुए मई में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय एयरलाइंस को लक्षित कर्ज सहायता देने के लिए ECLGS 5.0 को मंजूरी दी थी। स्पाइसजेट के मामले में सरकार का फोकस एयरलाइन के संचालन को बढ़ाने के साथ उसकी वित्तीय परेशानियों को दूर करने पर है। एयरलाइन की वित्तीय स्थिति के चलते उसके बेड़े का बड़ा हिस्सा लंबे समय से जमीन पर है। शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों में आई रुकावट इसी बीच यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी।