LAFC ने सुप्रीम कोर्ट को लिखे पत्र में कहा कि यह केस NSA के तहत हिरासत से जुड़ा था, कोर्ट में मौजूदा जजों के रोस्टर के हिसाब से, यह केस उस कोर्ट के सामने नहीं आना चाहिए था जहां इसे लिस्ट किया गया था.