FIR दर्ज होते ही बंदूक का लाइसेंस कैंसिल या सस्पेंड नहीं हो जाता. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि लाइसेंस पर कार्रवाई के लिए Arms Act के तहत ठोस कारण और पब्लिक सेफ्टी से जुड़ा आधार जरूरी है.