स्काईरूट एयरोस्पेस के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 की सफल उड़ान के साथ देश ने अंतरिक्ष क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत कर दी है. सरकार की नई स्पेस पॉलिसी, 400 से ज्यादा स्टार्टअप्स, हजारों करोड़ रुपये के निवेश और तेजी से बढ़ते निजी उद्योग के दम पर भारत अब दुनिया की बड़ी स्पेस शक्तियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है. यह पूरा मिशन क्या है. सरकार ने इसके लिए क्या-क्या किया है. इससे किन कंपनियों को फायदा होगा. स्पेस का बाजार कितना बड़ा है और आगे कितना जा सकता है. इन सभी बातों को डिटेल और आसान भाषा में समझने, जानने के लिए पढ़िए ये स्टोरी...