विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार मनमाने तरीक़े से फ़ैसले ले रहे हैं. वहीं सत्ताधारी बीजेपी का कहना है कि असहमति 'वाइब्रेंट लोकतंत्र' में बहुत ही आम बात है.