सपा की राजनीति में PDA अब तक सामाजिक प्रतिनिधित्व, भागीदारी और सामाजिक न्याय के प्रमुख नारे के रूप में सामने रहा है. पार्टी की कोशिश है कि PDA का केवल जातीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व तक सीमित न रहे.