ओडिशा में जन्मे इन बच्चों के मामले में भी साझा अंगों और सांस लेने में परेशानी के कारण डॉक्टरों के सामने गंभीर चुनौती है. फिलहाल दोनों बच्चों को विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है.