1992 में संविधान में एक बदलाव किया गया था, इसे 74वां संविधान संशोधन कहा गया. इसका मकसद था कि शहरों की चुनी हुई सरकारों को, जिसमें मेयर भी शामिल हैं, असली ताकत दी जाए.