जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि SC-ST एक्ट का दुरुपयोग होता है, लेकिन ऐसे मामले बहुत दुर्लभ हैं. उन्होंने कहा कि दुरुपयोग के आधार पर कानून खत्म नहीं किया जा सकता.