लंदन में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि लोग अपनी ‘कर्मभूमि’ के प्रति ईमानदार रहें और खुद को मजबूत करें, ताकि वे कर्मभूमि के साथ मानवता की सेवा भी कर सकें। भागवत ने कहा कि अगर किसी के पास भारत की सेवा के लिए अतिरिक्त साधन और समय है, तो वह ब्रिटेन के प्रति वफादार रहते हुए ऐसा कर सकता है। इस बयान का समय और यह किस कार्यक्रम में दिया गया, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा- "हम अपनी कर्मभूमि के प्रति ईमानदार रह सकते हैं और खुद को मजबूत कर सकते हैं, ताकि अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ मानवता की सेवा भी कर सकें।" यह आयोजन ‘सेलिब्रेशन ऑफ वननेस’ थीम पर हुआ था। इसे ब्रिटेन में 1966 से काम कर रहे संगठन 'हिंदू स्वयंसेवक संघ यूके' (HSS UK) ने आयोजित किया था। भागवत बोले- अंदर से सब एक ही हैं, 3 बातें… सब एक हैं: मोहन भागवत ने कहा कि ऊपर से दुनिया में बहुत तरह के फर्क दिखते हैं, लेकिन अंदर से सब एक ही हैं। विविधता कुदरती है, इसलिए सबका आदर होना चाहिए। लड़ाई नहीं, दोनों का फायदा: उन्होंने कहा कि समस्याओं को दुश्मनी से नहीं, बल्कि ऐसे सुलझाना चाहिए जिससे दोनों पक्षों का भला हो (विन-विन)। अगर किसी चीज की जरूरत दोनों को है, तो मिल-बांटकर इस्तेमाल करना चाहिए। प्रकृति से तालमेल: भागवत ने कहा कि इंसान कुदरत का ही एक हिस्सा है, उसे जीतने की जरूरत नहीं है। विकास ऐसा हो जिससे इंसानों की जरूरतें भी पूरी हों और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। भागवत 17 दिन के विदेश दौरे पर लंदन का कार्यक्रम RSS की शताब्दी वर्ष से जुड़े आउटरीच कार्यक्रम का हिस्सा है।भागवत 17 दिन के विदेश दौरे पर हैं। वे 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। इसके बाद वे कनाडा गए थे। हालांकि ब्रिटेन के 20 सिविल सोसाइटी संगठनों ने लंदन के मेयर सादिक खान को पत्र लिखकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने की मांग की है। ब्रिटिश सांसद ने भागवत के दौरे का बचाव किया कंजर्वेटिव ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने RSS प्रमुख के लंदन दौरे का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि RSS प्रमुख को संगठन के भविष्य पर अपने विचार साझा करते हुए सुनकर उन्हें खुशी हुई। ब्लैकमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आज शाम RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत से RSS के भविष्य को लेकर उनके विचार और सुझाव सुनकर खुशी हुई।”
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September 6, 2026 at 5:32 PM
RSS प्रमुख बोले- हिंदू सोच में अपनापन सबसे ऊपर:लोग अपनी कर्मभूमि के प्रति ईमानदार रहें; ब्रिटेन के प्रति वफादार रहते हुए भारत की सेवा करें
Dainik Bhaskar