हवाई किराए में मनमानी बढ़ोतरी और निजी एयरलाइंस के एक्स्ट्रा चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। केस जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच में लिस्टेड है। केंद्र सरकार ने 17 अगस्त को कहा था कि नए नियमों को 3 हफ्ते में फाइनल कर दिया जाएगा। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था- इसे सात दिन के भीतर प्रकाशित कीजिए। अगर एयरलाइंस पालन नहीं कर रही हैं तो उन्हें जमीन पर खड़ा कर दीजिए।’ मामला पिछले साल नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जब किराए में बढ़ोतरी, हिडन चार्ज जैसे मामले पर एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में बैगेज और अतिरिक्त शुल्क जैसे 4 मुद्दे उठाए याचिका सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने पिछले साल नवंबर में दायर की थी। उन्होंने पूरे सिविल एविएशन सेक्टर में ट्रांसपेरेंसी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए मजबूत और फ्री रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाने की मांग की है। याचिका में भारत की प्राइवेट एयरलाइन्स की ओर से हवाई किराए और एक्स्ट्रा चार्ज के रूप में होने वाले उतार-चढ़ाव पर कंट्रोल के लिए गाइडलाइंस बनाने की मांग भी की गई है। इस पूरे मामले को 5 सवाल-जवाब से समझिए 1. सवाल: त्योहारों में हवाई टिकट महंगा क्यों हो जाता है? जवाब: मुख्य वजह डायनैमिक प्राइसिंग है। मांग बढ़ने पर सस्ती सीटें जल्दी बिक जाती हैं और बची सीटें महंगी कैटेगरी में चली जाती हैं। 2. सवाल: क्या एयरलाइंस मनमाने तरीके से किराया बढ़ा सकती हैं? जवाब: एयरलाइंस मांग और उपलब्ध सीटों के आधार पर किराया बदलती हैं। मौजूदा व्यवस्था में सरकार सामान्य तौर पर हर टिकट का अधिकतम किराया तय नहीं करती। इसी व्यवस्था पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल उठे हैं। 3. सवाल: क्या एयरलाइंस मनमाने तरीके से किराया बढ़ा सकती हैं? जवाब: सामान्य बाजार आधारित उड़ानों में किराया मांग और उपलब्धता के आधार पर बदलता है। हालांकि एयरलाइंस को लागू नियमों का पालन करना होता है। DGCA किराए की निगरानी करता है। कुछ सरकारी योजनाओं, जैसे UDAN, में अधिकतम किराया तय होता है। 4. सवाल: एक ही फ्लाइट में अलग-अलग यात्रियों का किराया अलग क्यों होता है? जवाब: सीटें अलग-अलग फेयर कैटेगरी में उपलब्ध होती हैं। इसलिए अलग समय पर बुकिंग करने वाले यात्रियों को एक ही फ्लाइट में अलग किराया मिल सकता है। 5. सवाल: टिकट के अलावा कौन-कौन से शुल्क लग सकते हैं? जवाब: अतिरिक्त बैगेज, पसंद की सीट, भोजन और कुछ अन्य वैकल्पिक सेवाओं के लिए अलग शुल्क लिया जा सकता है। टिकट बदलने या रद्द करने पर भी संबंधित शुल्क लागू हो सकते हैं। इनकी राशि और शर्तें एयरलाइन पर निर्भर करती हैं। हवाई किराए पर सुप्रीम कोर्ट में हुई पिछली बड़ी सुनवाइयां
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September 7, 2026 at 12:00 AM
हवाई किराए में मनमानी- सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज:पिछली बार कहा था- अगर एयरलाइंस न मानें तो प्लेन खड़े कर दें
Dainik Bhaskar