देश के बड़े बंदरगाहों से हर साल हजारों करोड़ रुपये की कमाई होती है. ऐसे में अक्सर सवाल उठता है कि क्या इनका निजीकरण हो चुका है? संसद में सरकार ने साफ किया है कि सभी 12 बड़े बंदरगाह आज भी केंद्र सरकार के स्वामित्व में हैं, जबकि कई टर्मिनलों का संचालन PPP मॉडल पर किया जा रहा है.