मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा शिक्षा को व्यापार बनने की इजाजत नहीं दी जा सकती. उपायुक्तों की अध्यक्षता वाली रेगुलेटरी कमेटियां फीस वृद्धि की बारीकी से जांच करेंगी, जबकि सभी निजी स्कूलों को अगले 10 दिनों के भीतर निर्धारित पोर्टल पर पिछले चार वर्षों में फीस में की गई बढ़ोतरी का रिकॉर्ड अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं.