मिडिल ईस्ट में संघर्ष और सप्लाई में रुकावटों के कारण, 2026 में ग्लोबल कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी होने का अनुमान है. तेल की सप्लाई घटने की वजह से ऊर्जा की कीमतों में 32% तक की वृद्धि हो सकती है.