जम्मू-कश्मीर में 21 लाख से अधिक किताबों की जांच की गई है, जिनमें से 4,249 को 'आपत्तिजनक' या 'राष्ट्रविरोधी' सामग्री के कारण हटा दिया गया. यह कार्रवाई फरवरी 2025 में शुरू हुई थी.