मेधा रूपम से जुड़ी याचिकाओं पर 23 सितंबर को जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने सुनवाई की, जबकि 13 जुलाई 2026 से लागू रोस्टर के अनुसार, प्रिवेंटिव डिटेंशन से जुड़े मामलों की सुनवाई उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं थी.