जयराम रमेश ने कहा कि 2027 की जनगणना पूरी तरह विकृत हो गई है. इसमें शामिल जानकारी कभी-कभी बेकार होती है और कभी-कभी गैर-जरूरी होती है क्योंकि डेटा पहले से ही मौजूद होता है.