सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चुने हुए प्रतिनिधि पुलिस, एडमिनिस्ट्रेटर या कोर्ट की भूमिका नहीं निभा सकते. जनादेश बेकाबू ताकत का जरिया नहीं है. ये टिप्पणी एक कॉर्पोरेटर की जमानत रद्द करते हुए आई.