हूती हमलों के खतरे के बीच सऊदी अरब अपनी बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण क्षमता बढ़ा रहा है. वहीं UAE और फ्रांस राफेल F5 के विकास पर बातचीत आगे बढ़ा रहे हैं. इससे पश्चिम एशिया में आर्म्स रेस शुरू हो गई है.