रूस, ब्राजील और चीन जैसी शक्तियों के साथ भारत द्वारा एक साझा प्रस्ताव पास करा लेना एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है. इससे वैश्विक स्तर पर भारत की साख बढ़ी.