20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है.आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) के नेताओं ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोकतंत्र और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया.