केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी को लेकर शर्मिंदगी महसूस होती है। हाईवे का काम पूरा होने के बाद होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं जाऊंगा। गडकरी ने आगे कहा कि वह परियोजनाओं में देरी और खराब काम के लिए जिम्मेदार ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह अक्टूबर में मुंबई-गोवा हाईवे से होकर गोवा जाएंगे और खुद काम की जांच करेंगे। चौड़ीकरण का काम पहले 2016 तक पूरा किया जाना था। गडकरी बुधवार को पणजी के पास पोरवोरिम में छह लेन वाले एलिवेटेड रोड कॉरिडोर के उद्घाटन के बाद ये बात कही। गडकरी ने वैज्ञानिक तरीके से लैंडस्केपिंग करने की सलाह दी गडकरी ने बताया कि इस मुद्दे पर 8 सितंबर को अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई थी। हाईवे के किनारे ठेकेदारों की मनमर्जी से पेड़ लगाने के बजाय वैज्ञानिक तरीके से लैंडस्केपिंग करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यह अध्ययन किया जाना चाहिए कि किन फूलों और पेड़ों की प्रजातियों को लगाया जाए और कौन-सी प्रजातियां ज्यादा कार्बन डाइऑक्साइड सोखकर ऑक्सीजन छोड़ती हैं। 93-94% काम पूरा, फिर भी कई जगह दिक्कतें मुंबई-गोवा हाईवे का चौड़ीकरण लंबे समय से चल रहा है। गडकरी के मुताबिक इसका करीब 93-94% काम पूरा हो चुका है। करीब 440 किलोमीटर लंबे इस हिस्से में काम पूरा होने के बावजूद कई जगह सड़क पर गड्ढे, पानी भरने, मरम्मत और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। हाईवे पर मई में खारपाड़ा टोल प्लाजा पर टोल भी शुरू हो गई थी। इसके बावजूद परियोजना के कुछ हिस्सों में काम और सुधार जारी है। हाईवे पर 2021 में बनाया गया बंदरों के लिए एक ओवरपास भी ढह चुका है, जिससे सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं। 2016 तक पूरा होना था हाईवे परियोजना को पहले 2016 तक पूरा किया जाना था, लेकिन जमीन अधिग्रहण, निर्माण से पहले की मंजूरियों और ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं के कारण काम में लगातार देरी हुई। 2024 में केंद्र सरकार ने भी संसद में बताया था कि जमीन अधिग्रहण और कुछ ठेकेदारों की आर्थिक दिक्कतों के कारण परियोजना में देरी हुई। यह हाईवे मुंबई को कोंकण के रास्ते गोवा से जोड़ता है। इसका महाराष्ट्र वाला हिस्सा करीब 460 किलोमीटर है। परियोजना का यह मार्ग पर्यटन और स्थानीय कारोबार के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।