जयशंकर ने कहा, "हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं. हमारे आस-पास की दुनिया में अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता आम बात हो गई है."