पूर्व जजों के खुले पत्र में चुनाव आयोग, EVM, वोट चोरी के आरोपों और SIR पर उठे सवालों के बीच संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतंत्र में भरोसा बनाए रखने की अपील की गई.